खैरागढ़/छुईखदान. किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) लोन स्वीकृत कराने के नाम पर 16.40 लाख रुपये की ठगी करने वाले एक आरोपी को केसीजी पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। आरोपी ने स्वयं को बैंक कर्मचारी बताकर पीड़ित किसान को विश्वास में लिया और लोन स्वीकृत कराने व बैंक में केसीसी लोन की राशि जमा कराने का झांसा देकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार, ग्राम गर्रा, थाना छुईखदान निवासी 55 वर्षीय दिनाराम जंघेल ने थाना छुईखदान में शिकायत दर्ज कराई थी कि अर्पित देवांगन (28 वर्ष), पिता गोपीचंद देवांगन, निवासी दुर्गा चौक, राजनांदगांव ने खुद को बैंक कर्मचारी बताते हुए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लोन स्वीकृत कराने का भरोसा दिलाया। आरोपी ने विभिन्न माध्यमों से प्रार्थी से कुल 16 लाख 40 हजार रुपये प्राप्त कर लिए, लेकिन न तो लोन दिलाया और न ही रकम वापस की। बाद में पीड़ित को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ।
शिकायत के आधार पर थाना छुईखदान में 14 जुलाई 2026 को अपराध क्रमांक 261/2026 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) एवं 319(2) के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में थाना छुईखदान पुलिस और साइबर सेल केसीजी की संयुक्त टीम गठित की गई। साइबर तकनीकी सहायता से आरोपी की लोकेशन का पता लगाकर उसे हिरासत में लिया गया। पूछताछ के बाद 16 जुलाई को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे उपजेल सलोनी न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि इस कार्रवाई में थाना छुईखदान पुलिस स्टाफ एवं साइबर सेल केसीजी की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बैंक अधिकारी या कर्मचारी बनकर लोन, निवेश अथवा अन्य वित्तीय लाभ का झांसा देने वाले व्यक्तियों से सतर्क रहें तथा किसी भी प्रकार की रकम देने से पहले संबंधित बैंक से जानकारी अवश्य सत्यापित करें।


