खैरागढ़/छुईखदान. शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला, छुईखदान के तत्वावधान में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव शिक्षा, प्रेरणा और उत्साह का संगम बन गया। नवप्रवेशी छात्राओं का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत साइकिल, गणवेश एवं निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया गया। वहीं जिले की कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की गई।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल रहे। उनके साथ जिला भाजपा महामंत्री डॉ. नवनीत सतीष जैन, जिला पंचायत सीईओ प्रेम कुमार पटेल, शाला विकास समिति की अध्यक्ष शीतल जैन, वरिष्ठ अरविंद शर्मा, ज्ञान यादव, युवा नेता संदीप महोबिया, महावीर जैन, रोशन चंद्राकर, दीपाली सोनी, शुभम विश्वास एवं जिला सदस्य श्रीमती निर्मला विजय वर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर जिले की मेधावी छात्राएं रुचिका देवांगन, सोनम यदु, लक्ष्मी साहू एवं मिलाप साहू का सम्मान किया गया। कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने विशेष रूप से प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाली सोनम यदु को मंच पर आमंत्रित कर उनकी अध्ययन पद्धति, समय प्रबंधन और सफलता के अनुभव छात्राओं से साझा कराए। उनके प्रेरक विचारों ने उपस्थित छात्राओं में आत्मविश्वास और बेहतर प्रदर्शन का उत्साह भर दिया।
'शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव'
शाला विकास समिति की अध्यक्ष श्रीमती शीतल जैन ने अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं छात्राओं का स्वागत करते हुए नवप्रवेशी विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने छात्राओं से लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासन, परिश्रम और निरंतर अध्ययन के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

जिला पंचायत सीईओ प्रेम कुमार पटेल ने कहा कि शिक्षा जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है और शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का सदुपयोग कर प्रत्येक विद्यार्थी अपने सपनों को साकार कर सकता है।
जिला भाजपा महामंत्री डॉ. नवनीत सतीष जैन ने कहा कि शाला प्रवेश उत्सव केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हर बच्चे के उज्ज्वल भविष्य का उत्सव है। विद्यालय वह स्थान है, जहां ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन, व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव रखी जाती है। उन्होंने संकल्प दिलाया कि जिले का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
अपने प्रेरक संबोधन में कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। निरंतर परिश्रम, अनुशासन, समय का सदुपयोग और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता का वास्तविक मार्ग है। उन्होंने छात्राओं को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए पूरी लगन और आत्मविश्वास के साथ अध्ययन करने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के दौरान नवप्रवेशी छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षकों का उत्साह देखते ही बनता था। आयोजन के बाद कलेक्टर एवं अन्य अतिथियों ने महिला समूह द्वारा आयोजित न्यौता भोज में छात्राओं के साथ बैठकर भोजन किया, जिससे आत्मीयता और अपनत्व का संदेश भी गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला शिक्षा अधिकारी साव, विकासखंड शिक्षा अधिकारी गिरेंद्र कुमार सुधाकर, नीलम सिंह, दयाल बंजारे, केशव साहू, गंगूराम टंडन, सुजीत सिंह, दामोदर वर्मा, अनिल पाल, वीरेंद्र कुर्रे, सीताराम पाल, शकुंतला ठाकुर, एकता वर्मा, प्रीति नागरे सहित समस्त शाला परिवार का सराहनीय योगदान रहा। अंत में विकासखंड शिक्षा अधिकारी गिरेंद्र कुमार सुधाकर ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।


