छुईखदान. छोटे से नगर छुईखदान के होनहार खिलाड़ी श्रेयांश श्रीवास्तव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए नेपाल में आयोजित इंडो-नेपाल स्कूल स्पोर्ट्स चैंपियनशिप 2025-26 की फुटबॉल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर छत्तीसगढ़ और देश का गौरव बढ़ाया है। प्रतियोगिता के समापन समारोह में उन्हें स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। उनकी इस उपलब्धि की खबर मिलते ही छुईखदान सहित पूरे क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है।
श्रेयांश, संदीप श्रीवास्तव और डॉ. मीनू श्रीवास्तव के पुत्र हैं। उन्होंने कठिन परिश्रम, नियमित अभ्यास और अटूट संकल्प के बल पर यह मुकाम हासिल किया। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत और नेपाल सहित विभिन्न स्थानों से पहुंचे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के बीच श्रेयांश ने अपने उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
श्रेयांश की इस सफलता पर जनप्रतिनिधियों, खेल प्रेमियों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। कांग्रेस नेता शैलेंद्र तिवारी ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि श्रेयांश ने यह साबित किया है कि प्रतिभा और मेहनत के दम पर छोटे शहरों के युवा भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि श्रेयांश की उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
नगर पंचायत अध्यक्ष नम्रता गिरिराज वैष्णव ने कहा कि श्रेयांश की सफलता से नगर ही नहीं, पूरे जिले का सम्मान बढ़ा है। उन्होंने विश्वास जताया कि श्रेयांश भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करेंगे। नगर पंचायत उपाध्यक्ष प्रकाश महोबिया ने उनकी प्रतिभा, अनुशासन और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे खिलाड़ियों को हर स्तर पर प्रोत्साहन और बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए।
वहीं, नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष गिरिराज किशोर दास ने इसे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि खेल प्रतिभाओं को समाज और शासन का निरंतर सहयोग मिलना आवश्यक है, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों को छू सकें।
श्रेयांश श्रीवास्तव की यह उपलब्धि केवल एक स्वर्ण पदक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उनकी सफलता ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि मेहनत, अनुशासन, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।


