खैरागढ़. नगर की मूलभूत सुविधाओं और जनसमस्याओं को लेकर पिछले कुछ समय से गरमाया राजनीति का माहौल अब धरातल पर बदलाव लाता दिख रहा है। खैरागढ़ के नया बस स्टैंड स्थित यात्री प्रतीक्षालय की बदहाली को लेकर शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा दी गई उग्र आंदोलन की चेतावनी के बाद नगर पालिका प्रशासन हरकत में आया। नतीजतन, तय समय सीमा से एक दिन पूर्व ही प्रतीक्षालय का कायाकल्प कर दिया गया है।
बदहाली से सुहाने सफर तक का सफर

लंबे समय से नया बस स्टैंड का यात्री प्रतीक्षालय अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा था। यहाँ न तो यात्रियों के बैठने की समुचित व्यवस्था थी और न ही पीने के साफ पानी का कोई इंतजाम। आलम यह था कि शाम ढलते ही यह स्थान नशेड़ियों का अड्डा बन जाता था। परिसर में शराब की बोतलें, गंदगी और कचरे का अंबार लगा रहता था, जिससे आम यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों का वहां बैठना दूभर हो गया था।
अल्टीमेटम ने बढ़ाई प्रशासन की धड़कनें

स्थानीय स्तर पर बार-बार शिकायतों के बावजूद जब नगर पालिका प्रशासन मौन रहा, तब शहर कांग्रेस कमेटी ने मोर्चा संभाला। 18 मार्च को कांग्रेसियों ने कलेक्टर से मुलाकात कर दो टूक शब्दों में चेतावनी दी थी कि यदि 22 मार्च तक प्रतीक्षालय की स्थिति नहीं सुधरी, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस चेतावनी और मीडिया में लगातार छपी खबरों का ही परिणाम था कि कलेक्टर के कड़े निर्देश के बाद नगर पालिका अमले ने युद्ध स्तर पर कार्य कर शनिवार को ही सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दीं।
निरीक्षण के बाद जताया संतोष

सुधार कार्यों का जायजा लेने शनिवार को शहर कांग्रेस अध्यक्ष अरुण भारद्वाज और विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन के नेतृत्व में कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल मौके पर पहुंचा। प्रतीक्षालय में अब:
पेयजल की नई व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
बेंचों की मरम्मत और पेंटिंग का कार्य पूर्ण हो चुका है।
साफ-सफाई कर पूरे परिसर को स्वच्छ बनाया गया है।
निरीक्षण के दौरान शहर कांग्रेस अध्यक्ष अरुण भारद्वाज ने कहा, "जनभावनाओं का सम्मान करते हुए हमने यह मुद्दा उठाया था। हमारी प्राथमिकता राजनीति नहीं, बल्कि आम जनता की सुविधा है।" वहीं विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन ने त्वरित कार्रवाई के लिए कलेक्टर और नगर पालिका सीएमओ का आभार व्यक्त किया।
फिलहाल टला आंदोलन
प्रशासनिक सक्रियता और मौके पर हुए सुधार को देखते हुए कांग्रेस ने 22 मार्च को होने वाले अपने प्रस्तावित आंदोलन को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया है। हालांकि, नेताओं ने स्पष्ट किया है कि नगर की अन्य समस्याओं पर उनकी पैनी नजर बनी रहेगी और जनहित के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
निरीक्षण दल में मुख्य रूप से शामिल रहे: नेता प्रतिपक्ष दीपक देवांगन, पुरन सारथी, शेखर दास वैष्णव, रविंद्र सिंह गहेरवार, महेश यादव, सूर्यकांत यादव और अजय देवांगन सहित अन्य कार्यकर्ता।




