खैरागढ़. सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में विद्यार्थियों के माध्यम से पालकों के प्रति सम्मान, सेवा, सहयोग, कर्तव्य और उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने के लिए एक अभिनव पहल शुरू की जा रही है। जिला शिक्षा अधिकारी उपेंद्र कुमार देवांगन ने जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों एवं प्रधान पाठकों को निर्देश जारी कर विद्यार्थियों से अपने माता-पिता अथवा पालकों के नाम ‘सेवा संकल्प पत्र’ लिखवाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है।

जारी निर्देश के अनुसार 1 अक्टूबर 2026 को विद्यालय स्तर पर यह गतिविधि आयोजित की जाएगी, जबकि 3 अक्टूबर को विकासखंड स्तर पर राष्ट्रीय ड्राइंग प्रतियोगिता एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत कक्षा पहली से 12वीं तक के विद्यार्थियों से उनके माता-पिता अथवा पालकों के नाम सेवा संकल्प पत्र लिखवाया जाएगा।
इन पत्रों में विद्यार्थी अपने माता-पिता के प्रति सम्मान, सेवा, सहयोग और अपने दायित्वों के निर्वहन का संकल्प व्यक्त करेंगे। विद्यालय स्तर पर लिखे गए संकल्प पत्रों को सुरक्षित रखा जाएगा और 2 अक्टूबर को आयोजित विकासखंड स्तरीय कार्यक्रम में आवश्यकता के अनुसार प्रदर्शित किया जाएगा।
जिला शिक्षा विभाग ने विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ सभी शासकीय एवं अशासकीय संस्थाओं को गतिविधि की जानकारी देकर इसका व्यापक रूप से संचालन और अनुश्रवण सुनिश्चित करें। साथ ही निर्धारित समय-सीमा में सेवा संकल्प पत्र लेखन गतिविधि अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए गए हैं।
छत्तीसगढ़ में अनूठी पहल होने का दावा
जिला शिक्षा अधिकारी उपेंद्र कुमार देवांगन ने बताया कि विद्यार्थियों से उनके माता-पिता के नाम सेवा, सम्मान और जिम्मेदारी का संकल्प पत्र लिखवाने की यह पहल पूरे छत्तीसगढ़ में अपने तरह का नवाचार है और इस स्वरूप में ऐसा प्रयोग कहीं और नहीं हुआ है।
DEO ने स्वयं रचा तीन मिनट का ‘नमो गीत’
इस अभियान को रचनात्मक स्वरूप देने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी उपेंद्र कुमार देवांगन ने स्वयं करीब तीन मिनट का एक ‘नमो गीत’ भी लिखा है। अभियान से जुड़े आयोजनों में इस गीत के माध्यम से सेवा, संकल्प, कर्तव्य और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश विद्यार्थियों एवं आमजन तक पहुंचाने की तैयारी है। इस पहल से विद्यार्थियों को केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित रखने के बजाय उन्हें परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करने का प्रयास किया जा रहा है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं शैक्षणिक संस्थानों को निर्देशों का निर्धारित समय-सीमा में अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।


