छुईखदान. विकासखंड छुईखदान के शासकीय प्राथमिक शाला झिरिया के प्रधान पाठक रूपेश कुमार देशमुख को शिक्षा एवं विज्ञान के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारी कार्यों के लिए शिक्षा रत्न राज्य अलंकरण 2026 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान प्रकृति विज्ञान शिक्षण यात्रा छत्तीसगढ़ की ओर से 20 सितंबर को धमतरी में आयोजित राज्य स्तरीय अलंकरण समारोह में प्रदान किया गया।
रूपेश देशमुख विद्यार्थियों में गणितीय एवं भाषा कौशल विकसित करने के लिए लगातार नए प्रयोग करते हैं। उन्होंने बच्चों की सीखने की क्षमता को बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार की सहायक शिक्षण सामग्री (टीएलएम) तैयार कर उनका प्रयोग किया है। इन सामग्रियों के माध्यम से विद्यार्थी गणित और हिंदी भाषा को आसानी से समझ रहे हैं तथा दोनों विषयों में अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं।
सुदूर वन क्षेत्र में स्थित ग्राम झिरिया में उनके प्रयासों से बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़ी है। उनके नवाचारी शिक्षण तरीकों ने विद्यालय में सीखने का माहौल मजबूत किया है।
धमतरी में आयोजित समारोह में अपूर्व विज्ञान मेला नागपुर के सुरेश अग्रवाल और प्रकृति शिक्षण विज्ञान यात्रा के अध्यक्ष अभिषेक शुक्ला मुख्य अतिथि रहे। इस दौरान रूपेश देशमुख को स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान प्रदान किया गया।
उनकी इस उपलब्धि पर जिला शिक्षा अधिकारी खैरागढ़ उपेंद्र देवांगन, विकासखंड शिक्षा अधिकारी छुईखदान प्रशांत चित्वरकर, बीआरसी दुष्यंत शर्मा, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी छुईखदान गिरेंद्र सुधाकर, ग्राम पंचायत देवरचा की सरपंच देसनी भुवन नेताम सहित संकुल देवरचा के समस्त शिक्षकगण ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।


