खैरागढ़/छुईखदान. श्री सीमेंट फैक्ट्री स्थापना एवं चूना पत्थर खनन परियोजना के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन के बीच किसान अधिकार संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष वीरेंद्र जंघेल ने फोन पर गाली-गलौज करने और उन्हें तथा उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर आज बड़ी संख्या में किसान अधिकार संघर्ष समिति के सदस्य और ग्रामीण छुईखदान थाना पहुंचे और थाना प्रभारी को लिखित शिकायत सौंपकर FIR दर्ज करने, निष्पक्ष जांच तथा परिवार की सुरक्षा की मांग की।
शिकायतकर्ता वीरेंद्र जंघेल, पिता कामता जंघेल, निवासी विचारपुर ने आवेदन में बताया कि वे श्री सीमेंट फैक्ट्री स्थापना एवं चूना पत्थर खनन परियोजना के विरोध में आंदोलनरत किसान अधिकार संघर्ष समिति, दनिया-अतरिया-हनईबन-उदयपुर एवं संपूर्ण परिक्षेत्र के उपाध्यक्ष हैं। उनके अनुसार 29 अगस्त 2026 की शाम करीब 6:30 बजे विचारपुर निवासी राजेश जंघेल, पिता इंदरमन जंघेल, ने उनके मोबाइल नंबर पर अपने मोबाइल नंबर से करीब 10 से 15 बार फोन कॉल किया।

वीरेंद्र जंघेल का आरोप है कि फोन पर बातचीत के दौरान उनके साथ गाली-गलौज की गई। साथ ही किसान अधिकार संघर्ष समिति तथा सीमेंट खदान और फैक्ट्री से जुड़े आंदोलन से दूर रहने के लिए कथित तौर पर धमकी दी गई। शिकायत के मुताबिक, उन्हें यह भी धमकी दी गई कि यदि वे समिति और आंदोलन से अलग नहीं हुए तो उनके घर में घुसकर उन्हें और उनके पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा।
परिवार की सुरक्षा को लेकर जताई गंभीर आशंका
शिकायत में वीरेंद्र जंघेल ने कहा है कि कथित धमकी के बाद वह और उनका परिवार भयभीत है तथा उन्हें अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका है। उन्होंने आशंका जताई है कि धमकी भविष्य में किसी अप्रिय घटना में तब्दील हो सकती है। शिकायतकर्ता ने घटना से संबंधित कॉल विवरण और मोबाइल में उपलब्ध रिकॉर्ड को भी साक्ष्य के तौर पर बताया है।
कार्रवाई नहीं हुई तो थाने के घेराव की चेतावनी
शिकायत के बाद किसान अधिकार संघर्ष समिति ने पुलिस से मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि 3 से 4 दिनों के भीतर शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। समिति के अनुसार, इस स्थिति में करीब 300 से 400 ग्रामीण छुईखदान थाना पहुंचकर थाने का घेराव करेंगे।
FIR और सुरक्षा की मांग
थाना प्रभारी को सौंपे आवेदन में शिकायतकर्ता ने कथित संज्ञेय अपराध के संबंध में कानून के अनुसार FIR दर्ज कर निष्पक्ष एवं प्रभावी जांच शुरू करने की मांग की है। इसके साथ ही अपनी और परिवार की जान-माल की सुरक्षा के लिए आवश्यक निवारक एवं विधिसम्मत सुरक्षा उपाय किए जाने तथा दर्ज FIR की प्रति नियमानुसार उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है।
किसान अधिकार संघर्ष समिति का कहना है कि मामला गंभीर है और शिकायत पर समयबद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, लगाए गए आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।


