खैरागढ़/गंडई. न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने और आरोपी को नाबालिग साबित करने के उद्देश्य से फर्जी ऑनलाइन जन्म प्रमाण पत्र तैयार करने के मामले में केसीजी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना गंडई पुलिस ने लगभग एक वर्ष से फरार चल रहे आरोपी को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार थाना गंडई में अपराध क्रमांक 66/2025 के तहत धोखाधड़ी, कूटरचना, जालसाजी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। प्रकरण की शिकायत उदान निवासी अंकल्हु राम जंघेल ने दर्ज कराई थी। जांच के दौरान सामने आया कि थाना गंडई के एक पुराने सड़क दुर्घटना प्रकरण में आरोपी लक्ष्मीनाथ जंघेल ने अपने पुत्र प्रमोद जंघेल को नाबालिग साबित करने के लिए ऑनलाइन जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था। दस्तावेज में उसकी जन्मतिथि 27 दिसंबर 2005 अंकित थी।
पुलिस जांच में यह जन्म प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया। इसके बाद मामले की गहन विवेचना की गई। आरोपी लक्ष्मीनाथ जंघेल से पूछताछ और उसके मेमोरेंडम कथन के आधार पर उस व्यक्ति की तलाश शुरू की गई जिसने फर्जी प्रमाण पत्र तैयार किया था।
साइबर तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल नंबर की जांच के आधार पर पुलिस को आरोपी की लोकेशन उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां दबिश देकर रवि निषाद, पिता स्वर्गीय परवेश कुमार, उम्र 36 वर्ष, निवासी वल्लीपुर, मकान नंबर 122, पोस्ट कमला नेहरू इंस्टीट्यूट, थाना कोतवाली नगर, जिला सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया। आरोपी पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर ऑनलाइन फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का आरोप है। पुलिस ने उसे ट्रांजिट रिमांड पर गंडई लाकर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल माध्यमों से तैयार किए जा रहे फर्जी दस्तावेजों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। मामले में अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इस कार्रवाई को साइबर तकनीक और अंतरराज्यीय समन्वय का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।

