खैरागढ़. सदगुरू कबीर पारख सेवा संस्थान पिपरिया-खैरागढ़ के तत्वावधान में 07 एवं 08 फरवरी 2026 को आयोजित दो दिवसीय सुखद सत्संग कार्यक्रम ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। ट्रस्ट समिति, महिला समिति, प्रबंधन समिति तथा समस्त ग्राम एवं क्षेत्रवासियों के संयुक्त प्रयास से आयोजित यह कार्यक्रम परमपूज्य राष्ट्रीय संत श्री असंग देव जी (श्री असंग देव तपोभूमि, कबीरधाम, जिला लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश–नेपाल बॉर्डर) के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ।

आयोजन का उद्देश्य संत कबीर साहेब के निर्गुण भक्ति दर्शन, सत्य, प्रेम और मानवता के शाश्वत संदेश को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना रहा। प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से सायं 4 बजे तक चले सत्संग में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। केसीजी जिले सहित छत्तीसगढ़ के अनेक जिलों तथा उत्तर प्रदेश, बिहार जैसे राज्यों से भी भक्तजन सत्संग श्रवण के लिए पिपरिया पहुंचे।

संत असंग देव जी ने अपने ओजस्वी प्रवचनों में मानव मन की चंचलता, लोभ, सत्य और त्याग जैसे विषयों पर गहन प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मनुष्य का मन सदैव उस वस्तु में अधिक रस खोजता है जो उसके पास नहीं है, जबकि जो प्राप्त है उसका मूल्य नहीं समझता। दूसरों को समझाना सरल है, किंतु स्वयं को समझना सबसे कठिन साधना है। उन्होंने यह भी कहा कि जब अपने लोग डांटते हैं तो वह हमारे हित की चेतावनी होती है, इसलिए उसे नाराजगी नहीं, बल्कि प्रसन्नता से स्वीकार करना चाहिए। संत असंग देव जी ने स्पष्ट किया कि शुभ कार्य के लिए कहा गया असत्य पुण्य के समान है, जबकि अशुभ कार्य के लिए बोला गया सत्य पाप के समान हो सकता है। धन के प्रति लालच को उन्होंने दुःख का कारण बताते हुए कहा कि त्याग के मार्ग पर चलने वाले व्यक्ति के जीवन में ही सच्चा सुख बरसता है।

आयोजन समिति के सदस्य घम्मन साहू ने बताया कि दो दिवसीय सत्संग के दौरान सभी श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी की समुचित व्यवस्था की गई थी। ग्रामवासियों एवं क्षेत्रवासियों की सक्रिय सहभागिता से कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं अनुशासित रूप से संपन्न हुआ।

इस दो दिवसीय कबीर सत्संग को लेकर क्षेत्र में विशेष उत्साह देखा गया। संत कबीर के निर्गुण दर्शन और संत असंग देव जी के प्रेरक विचारों ने न केवल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति प्रदान की, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच, आपसी भाईचारे और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का संदेश भी दिया।




