खैरागढ़. जिले के ग्राम देवरी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा इन दिनों श्रद्धा और भक्ति का केंद्र बनी हुई है। कथा पंडाल में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु उमड़ रहे हैं, जहां आचार्य नरेन्द्र नयन शास्त्री (प्रसिद्ध ‘चाय वाले बाबा’) अपने ओजस्वी प्रवचनों से भक्तों को आध्यात्मिक संदेश दे रहे हैं। उनके प्रवचनों में भक्ति, प्रेम और त्याग का गहरा संदेश झलक रहा है।
आचार्य शास्त्री ने कहा कि भगवान की प्राप्ति केवल राग, सुर-ताल या भव्य आयोजन से नहीं, बल्कि हृदय में सच्चे अनुराग से होती है। उन्होंने मीराबाई की एक प्रसंग के माध्यम से समझाया कि भजन में तकनीकी पूर्णता से अधिक महत्वपूर्ण भाव और समर्पण होता है। “यदि हृदय में प्रभु के प्रति प्रेम नहीं है, तो भजन केवल औपचारिकता बनकर रह जाता है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने बताया कि भक्ति काल के संत—मीराबाई, सूरदास, कबीर, संत ज्ञानेश्वर, तुलसीदास, रैदास और रसखान—सभी ने अपने जीवन में अनुराग और समर्पण को ही सर्वोपरि माना। उनके अनुसार, पहले भजन केवल ईश्वर को समर्पित होते थे, जिनमें दिखावा नहीं बल्कि सच्चा प्रेम और त्याग होता था। आज के समय में भक्ति भी कई बार मंच, माइक और सोशल मीडिया तक सीमित हो गई है, जहां भावनाओं की जगह प्रदर्शन ने ले ली है।
आचार्य शास्त्री ने जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हर कर्म को ईश्वर का कार्य मानकर करने से मन में त्याग और प्रेम का भाव जागृत होता है। यही भाव आगे चलकर अनुराग में परिवर्तित होता है और तब ईश्वर स्वयं भक्त की ओर आकर्षित होते हैं। उन्होंने शबरी प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां सच्चा अनुराग होता है, वहां भगवान स्वयं भक्त के पास पहुंचते हैं।
विशेष बात यह है कि ‘चाय वाले बाबा’ के नाम से विख्यात आचार्य नरेन्द्र नयन शास्त्री अपनी विशिष्ट पहचान भी रखते हैं। वे केवल एक मुट्ठी चावल देखकर लोगों की समस्याओं का समाधान बताते हैं। प्रतिदिन सुबह 9 से 12 बजे तक उनका दरबार लगता है, जिसमें दूर-दराज से लोग अपनी परेशानियों के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं।
सामाजिक सरोकारों से जुड़े आचार्य शास्त्री कथा से प्राप्त समस्त चढ़ावा गरीब बेटियों के कल्याण हेतु दान कर देते हैं। उनके इस सेवा भाव के कारण श्रद्धालुओं में उनके प्रति विशेष आस्था देखी जा रही है।
देवरी में चल रही इस कथा के प्रति न केवल ग्रामीण, बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया है।




