खैरागढ़. जिले में शुक्रवार को किसानों के विरोध का अनोखा मामला सामने आया। अपनी मांगों और समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान करीब एक घंटे तक कलेक्टर और अपर कलेक्टर का इंतजार करते रहे, लेकिन दोनों में से कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा। लंबे इंतजार के बाद किसानों ने अपना ज्ञापन कलेक्ट्रेट परिसर की दीवार पर टांग दिया और वहां से रवाना हो गए।

किसानों का कहना था कि वे अपनी समस्याएं जिले के उच्च अधिकारियों, कलेक्टर या अपर कलेक्टर के समक्ष रखना चाहते हैं। किसानों से ज्ञापन लेने तहसीलदार और डिप्टी कलेक्टर मौके पर पहुंचे, लेकिन किसानों ने उच्च अधिकारियों से ही ज्ञापन लेने और उनकी समस्याएं सुनने की मांग की।

किसानों के अनुसार, करीब एक घंटे के इंतजार के बावजूद कलेक्टर या अपर कलेक्टर के नहीं पहुंचने पर उन्होंने विरोध स्वरूप ज्ञापन कलेक्ट्रेट की दीवार पर लटका दिया।
किसानों की प्रमुख मांगों में बारिश की कमी से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा, क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित करने तथा फसलों की सिंचाई के लिए 24 घंटे पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग शामिल है।

किसानों के इस विरोध के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि जब किसान अपनी समस्याएं सीधे जिले के उच्च अधिकारियों तक पहुंचाना चाहते थे, तो उनकी बात सुनने के लिए जिम्मेदार अधिकारी मौके पर क्यों नहीं पहुंचे।


