खैरागढ़. ग्रीष्म ऋतु में आमजन को सुरक्षित, ताजे और गुणवत्तायुक्त फल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जिले में विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ शासन रायपुर के निर्देश पर कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। अभियान का पर्यवेक्षण उप संचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा किया जा रहा है, जबकि अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक धृतलहरे एवं विभागीय टीम लगातार कार्रवाई कर रही है।

तीन दिवसीय इस विशेष अभियान के तहत जिले के फल विक्रय प्रतिष्ठानों, मंडियों और खाद्य व्यवसाय संचालकों के यहां सघन निरीक्षण किया गया। अभियान के पहले दिन 27 मई को नया बस स्टैंड छुईखदान क्षेत्र के विभिन्न फल विक्रेताओं की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान करीब 20 किलोग्राम सड़े-गले आम, 5 दर्जन केले, पपीता और अंगूर मौके पर ही नष्ट कराए गए। इसी दौरान एक गन्ना जूस सेंटर में भारी गंदगी और खुले में रखी गई बर्फ मिलने पर खाद्य सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन पाया गया। आवश्यक सुधार और साफ-सफाई सुनिश्चित होने तक उक्त प्रतिष्ठान को तत्काल बंद करा दिया गया।

अभियान के दूसरे दिन 28 मई को इतवारी बाजार और पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में कार्रवाई की गई। यहां करीब 15 किलोग्राम सड़े-गले आम, 20 दर्जन केले और 3 तरबूज नष्ट कराए गए। विभागीय अधिकारियों ने विक्रेताओं को स्वच्छता बनाए रखने, खाद्य अनुज्ञप्ति एवं पंजीयन अद्यतन रखने तथा केवल ताजे और गुणवत्तापूर्ण फल बेचने के निर्देश दिए।

तीसरे दिन शुक्रवार 29 मई को गंडई तहसील अंतर्गत वार्ड क्रमांक 7 मंदिर के पीछे स्थित खंडेलवाल फल भंडार में छापामार कार्रवाई की गई। जांच के दौरान प्रतिष्ठान में बिना खाद्य पंजीयन के बड़ी मात्रा में फलों को हानिकारक रसायनों से पकाने की तैयारी पाई गई। मौके से पैक्ड गोल्डन टच एथिलीन रिपनर, पैक्ड टैग पूरन 3G, प्रिपेयर्ड टैगपान लिक्विड सहित कच्चे केला और कच्चे आम के नमूने जांच के लिए लिए गए। वहीं अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे गए 60 कैरेट केले जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 50 से 60 हजार रुपए बताई गई है।

विभाग द्वारा अभियान के दौरान कृत्रिम रूप से फल पकाने, चमक बढ़ाने या आकर्षक बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले रसायनों एवं कृत्रिम रंगों की भी विशेष जांच की जा रही है। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे ने कहा कि आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सावधान रहें: चमकदार और जल्दी पके फल बन सकते हैं बीमारी की वजह
विशेषज्ञों के अनुसार केमिकल से कृत्रिम रूप से पकाए गए फल स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक हो सकते हैं। ऐसे फलों के सेवन से पेट दर्द, उल्टी, एलर्जी, सिरदर्द और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। नागरिकों को फल खरीदते समय उनकी प्राकृतिक रंगत, गंध और ताजगी पर विशेष ध्यान देना चाहिए। अत्यधिक चमकीले या एकसमान पीले दिखने वाले फल कृत्रिम रूप से पकाए गए हो सकते हैं। फलों को उपयोग से पहले अच्छी तरह धोना और विश्वसनीय दुकानों से ही खरीदारी करना सुरक्षित माना जाता है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं सड़े-गले फल, गंदगी या केमिकल से पकाए जा रहे खाद्य पदार्थों की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

