खैरागढ़. सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत बुधवार को सिविल अस्पताल खैरागढ़ परिसर में स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चल रहे सेवा संकल्प अभियान के साथ पोषण अभियान के तहत टी-4 कैंप (टेस्ट, ट्रीट, टॉक और ट्रैक) का आयोजन किया गया। वहीं ‘स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद’ थीम पर 11वें आयुर्वेद दिवस के माध्यम से नागरिकों को आयुर्वेद, योग, संतुलित आहार, औषधीय पौधों और मिलेट्स के महत्व की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने भगवान श्री धन्वंतरी के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। टी-4 कैंप में एनीमिया को लेकर जागरूकता की कमी से होने वाली परेशानियों, समय पर जांच और उपचार की जरूरत पर विशेष चर्चा की गई। टेस्ट के माध्यम से एनीमिया की स्थिति की पहचान, एनीमिया पाए जाने पर ट्रीट के जरिए उपचार, टॉक के माध्यम से जागरूकता और ट्रैक के जरिए लगातार निगरानी कर एनीमिया में कमी लाने की प्रक्रिया समझाई गई। शिविर में कुल 110 महिलाओं की एनीमिया जांच की गई।
औषधीय पौधों और मिलेट्स की प्रदर्शनी
11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर निःशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परामर्श शिविर लगाया गया। नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श देने के साथ आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति की उपयोगिता बताई गई। परिसर में औषधीय पौधों की प्रदर्शनी लगाकर उनके औषधीय गुणों और उपयोग की जानकारी दी गई। विभिन्न मिलेट्स की प्रदर्शनी के माध्यम से इनके पोषण मूल्य तथा दैनिक आहार में उपयोगिता समझाई गई। योग प्रदर्शन के जरिए नियमित योगाभ्यास को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया गया। साथ ही संतुलित खान-पान, नियमित दिनचर्या और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए लोगों को प्रेरित किया गया।

कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने आयुर्वेद के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वस्थ जीवनशैली में आयुर्वेद को शामिल कर स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने नियमित दिनचर्या, संतुलित आहार और योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रेमकुमार पटेल ने औषधीय पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता बताते हुए इनके उपयोग के साथ संरक्षण पर भी ध्यान देने की बात कही।

डॉ. प्रीति वैष्णव ने एनीमिया क्या है, इसके कारण और लक्षण तथा समय पर जांच करवाने के महत्व की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने एनीमिया से बचाव के लिए संतुलित आहार और आयुर्वेदिक जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया। आयुष विभाग की ओर से महिलाओं एवं ग्रामीणों को पोषण आहार की जानकारी देने के साथ एनीमिया से बचाव के लिए योग अभ्यास का प्रदर्शन किया गया तथा औषधीय काढ़े का वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में CMHO डॉ. अनिल कुमार शुक्ला, सिविल सर्जन डॉ. आशीष शर्मा, जिला आयुष अधिकारी डॉ. सुशीला बंजारे, डॉ. विवेक बिसेन खंड चिकित्सा अधिकारी, डॉ. प्रीति वैष्णव, डॉ. पंकज वैष्णव, DPM सोनल ध्रुव, RMNCHA कंसल्टेंट आरती चतुर्बदानी एवं असिस्टेंट नोडल नागेश सिमकर उपस्थित रहे।
आयोजन जिला आयुष अधिकारी डॉ. सुशीला बंजारे के मार्गदर्शन में हुआ। आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरीश शरण साहू, डॉ. नरोत्तम राम नेताम, डॉ. रंजित सिंह देशमुख, डॉ. प्रसन्न कुमार प्रधान, डॉ. श्रुति जैन, होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिल्पी सिंह ने सेवाएं दीं। फार्मासिस्ट संगीता बघेल, कोमदास साहू, सुग्रीव दास वर्मा एवं संतराम ग्रेन्ड्रे, पंचकर्म सहायक रामेश्वरी जांगड़े, धर्मिन वर्मा एवं लीला राम जंघेल तथा औषधालय सेवक बेनीमाधवदास वैष्णव एवं शत्रुहन राम धुर्वे भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं नागरिक शामिल हुए।


