खैरागढ़. नगर पालिका चुनाव की आहट के साथ ही खैरागढ़ की सियासत में सरगर्मी तेज हो गई है। वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होते ही अब अध्यक्ष और पार्षद पद के संभावित दावेदारों ने अपने-अपने राजनीतिक समीकरण साधने शुरू कर दिए हैं। राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के साथ निर्दलीय दावेदार भी मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। खास बात यह है कि कुछ संभावित उम्मीदवारों ने तो सोशल मीडिया पर पोस्टर जारी कर अप्रत्यक्ष रूप से अपनी दावेदारी का प्रचार भी शुरू कर दिया है। ऐसे में चुनावी मुकाबला इस बार पहले से ज्यादा रोचक होने के आसार हैं।
खैरागढ़ नगर पालिका की राजनीति में अब तक मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही रहा है। इन्हीं दोनों दलों के पार्षद और अध्यक्ष बनते रहे हैं। लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी (आप) भी सभी वार्डों के साथ अध्यक्ष पद पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। ऐसे में भाजपा-कांग्रेस के परंपरागत मुकाबले में तीसरा कोण जुड़ने से चुनावी गणित बदलने की संभावना जताई जा रही है।
अध्यक्ष पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित, पुरुष दावेदारों ने परिवार की महिलाओं पर लगाया दांव
इस बार नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव पार्षदों के जरिए नहीं, बल्कि अलग से होने वाला है। अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है और सीट सामान्य महिला के लिए आरक्षित है। आरक्षण की तस्वीर साफ होते ही कई ऐसे पुरुष नेता, जो खुद अध्यक्ष पद की दौड़ में थे, अब अपने परिवार की महिलाओं को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी में जुट गए हैं। यही वजह है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों खेमों में महिला दावेदारों के नाम तेजी से सामने आ रहे हैं।
भाजपा में सात नामों की चर्चा, मौजूदा अध्यक्ष गिरजानंद चंद्राकर सबसे आगे
भाजपा की बात करें तो वर्तमान में नगर पालिका अध्यक्ष गिरजानंद चंद्राकर हैं। वे वार्ड क्रमांक 12 अमलीपारा से पार्षद भी हैं। उनके नाम को फिलहाल अध्यक्ष पद के प्रमुख दावेदारों में सबसे आगे माना जा रहा है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण उनका मौजूदा अध्यक्ष होना और पिछली राजनीतिक परिस्थितियां हैं।पिछले चुनाव में अध्यक्ष पद पर कांग्रेस का कब्जा हुआ था। उस समय अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता द्वारा नहीं हुआ था। कांग्रेस के पार्षदों की संख्या अधिक होने के कारण वार्ड क्रमांक 2 पिपरिया से दूसरी बार पार्षद चुने गए शैलेन्द्र वर्मा को अध्यक्ष बनाया गया था। करीब दो साल के कार्यकाल के दौरान उन पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे और अंततः उन्हें अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद शैलेन्द्र वर्मा समेत कांग्रेस के तीन पार्षद भाजपा में शामिल हो गए। पार्षदों का समीकरण बदलने के बाद भाजपा के पास बहुमत की स्थिति बनी और गिरजानंद चंद्राकर को अध्यक्ष बनाया गया।
गिरजानंद चंद्राकर को करीब ढाई साल अध्यक्ष के रूप में काम करने का अवसर मिला। इसी वजह से भाजपा में उनके समर्थकों का तर्क है कि उन्हें पूरे कार्यकाल का अवसर मिलना चाहिए। पार्टी में उनकी छवि भी साफ-सुथरी मानी जाती है। लिहाजा मौजूदा अध्यक्ष होने के कारण उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है।
भाजपा की दूसरी प्रमुख दावेदारों में नीलिमा महेश गोस्वामी का नाम सामने आ रहा है। वे भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व जिला अध्यक्ष रह चुकी हैं और वर्तमान में जिला भाजपा उपाध्यक्ष हैं। संगठन में सक्रियता और राजनीतिक अनुभव उनके पक्ष में बड़ा फैक्टर माना जा रहा है।
इसके बाद सुकृति सिंह का नाम भी चर्चा में है। वे जिला भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष आयश सिंह की पत्नी हैं। सुकृति सिंह फिलहाल पार्टी में किसी पद पर नहीं हैं, लेकिन भाजपा की सक्रिय सदस्य हैं। आयश सिंह युवाओं के बीच अपनी एक अलग पहचान रखते हैं। ऐसे में राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से सुकृति सिंह की दावेदारी को भी हल्के में नहीं देखा जा रहा है।
वार्ड क्रमांक 7 गोलबाजार से वर्तमान पार्षद और प्रतिष्ठित व्यापारी अजय जैन की पत्नी ऋचा अजय जैन का नाम भी भाजपा के संभावित उम्मीदवारों में चर्चा में है। अजय जैन की जैन समाज में अच्छी पैठ मानी जाती है। ऋचा जैन पार्टी संगठन में किसी पद पर नहीं हैं, लेकिन भाजपा की सदस्य हैं। ऐसे में सामाजिक समीकरण उनके पक्ष में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
भाजपा के दिग्गज नेता विकेश गुप्ता की पत्नी, जो वार्ड क्रमांक 8 तुरकारीपारा से वर्तमान पार्षद हैं, उनका नाम भी अध्यक्ष पद के लिए प्रमुखता से लिया जा रहा है।
इसी तरह भाजपा के एक और दिग्गज नेता कमलेश कोठले की पत्नी देवीन कोठले, जो वार्ड क्रमांक 14 सोनेसरार से वर्तमान पार्षद हैं, भी संभावित दावेदारों की सूची में हैं।
भाजपा जिला महिला मोर्चा की सोशल मीडिया प्रभारी और समाजसेवा के कार्यों में सक्रिय नीलम सिंह राजपूत का नाम भी अध्यक्ष पद के लिए सामने आया है। पार्टी संगठन में उनकी सक्रियता और सामाजिक गतिविधियों को उनकी दावेदारी का आधार माना जा रहा है।
इस तरह फिलहाल भाजपा में सात नाम अध्यक्ष पद के लिए चर्चा में हैं। हालांकि पार्टी किसी मौजूदा चेहरे पर भरोसा जताएगी या अचानक किसी नए चेहरे को मैदान में उतारकर चौंकाएगी, यह अभी भविष्य के गर्भ में है।
लाभचंद बाफना के जिम्मे भाजपा की चुनावी रणनीति
भाजपा ने साजा विधानसभा के पूर्व विधायक लाभचंद बाफना को नगर पालिका चुनाव का प्रभारी बनाया है। उनके नेतृत्व में पार्टी की बैठकें शुरू हो चुकी हैं। अध्यक्ष पद के साथ-साथ प्रत्येक वार्ड में मजबूत पार्षद प्रत्याशी तलाशने का काम भी चल रहा है। बताया जा रहा है कि चुनाव प्रभारी संभावित दावेदारों से अलग-अलग चर्चा कर उनकी राजनीतिक स्थिति, संगठन में पकड़ और जीत की संभावनाओं का आकलन कर रहे हैं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि भाजपा इन चर्चित नामों में से किस पर दांव लगाती है और कौन सा नाम अंतिम समय में बाजी मार ले जाता है।
कांग्रेस में भी दावेदारों की होड़, कुछ नामों ने बढ़ाई राजनीतिक दिलचस्पी
भाजपा के बाद कांग्रेस खेमे में भी अध्यक्ष पद को लेकर हलचल कम नहीं है। कांग्रेस में कई दावेदारों के नाम सामने आ रहे हैं और कुछ नाम ऐसे हैं, जिन्होंने राजनीतिक चर्चाओं को और गर्म कर दिया है।
सबसे ज्यादा चर्चा ठाकुरपारा निवासी यशेश ठाकुर के परिवार की है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उनके परिवार से कोई महिला अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी कर सकती है।
इसके बाद शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अरुण भारद्वाज की बहू पल्लवी शुभम भारद्वाज का नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा है।
कांग्रेस नेता दयाराम पटेल की पत्नी, जो वर्तमान में वार्ड क्रमांक 5 ठाकुरपारा से पार्षद हैं, भी अध्यक्ष पद की दौड़ में हैं।
वहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता नासिर मेमन की पत्नी नसीमा नासिर मेमन का नाम भी संभावित दावेदारों में सामने आया है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाब चोपड़ा की पत्नी और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मीरा गुलाब चोपड़ा का नाम कांग्रेस के मजबूत दावेदारों में माना जा रहा है। उनके पास पूर्व में नगर पालिका अध्यक्ष रहने का अनुभव भी है, जो उनकी दावेदारी को अलग वजन देता है।
वहीं कांग्रेस नेता एवं अमृत संदेश अखबार से जुड़े पत्रकार जीवेश शर्मा भी अपनी 24 वर्षीय पुत्री पंकिता शर्मा को अध्यक्ष पद की दावेदारी कराने की तैयारी में बताए जा रहे हैं। युवा चेहरे के रूप में पंकिता का नाम सामने आने से कांग्रेस की राजनीति में भी नई चर्चा शुरू हो गई है।
छन्नी साहू के नेतृत्व में कांग्रेस का मंथन, दावेदार पहुंच रहे नेताओं के दरबार
कांग्रेस ने पूर्व विधायक छन्नी साहू को नगर पालिका चुनाव का प्रभारी बनाया है। पार्टी में बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। अध्यक्ष और पार्षद पद के दावेदार चुनाव प्रभारी छन्नी साहू के साथ ही विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा के समक्ष अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। अब कांग्रेस संगठन के सामने सबसे बड़ी चुनौती मजबूत चेहरे के चयन की है। पार्टी किस नाम पर मुहर लगाती है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।
आप की एंट्री से मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार
अब तक भाजपा और कांग्रेस के बीच होने वाले नगर पालिका चुनाव में इस बार आम आदमी पार्टी ने भी पूरी ताकत से उतरने की तैयारी शुरू कर दी है। आप अध्यक्ष पद के साथ सभी वार्डों में प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर रही है। पार्टी ने पूर्व प्रदेश संगठन मंत्री प्रफुल्ल सिंह बैस को चुनाव प्रभारी बनाया है।
आप ने भी अध्यक्ष पद के लिए संभावित उम्मीदवार की तलाश शुरू कर दी है। पार्टी का लक्ष्य भाजपा और कांग्रेस दोनों को कड़ी टक्कर देना है। यदि आप सभी वार्डों में मजबूत प्रत्याशी उतारने में सफल होती है तो कई वार्डों में वोटों के बंटवारे का सीधा असर भाजपा-कांग्रेस के चुनावी गणित पर पड़ सकता है।
अब टिकट किसे, यही सबसे बड़ा सवाल
वार्ड आरक्षण के बाद खैरागढ़ नगर पालिका चुनाव का मैदान धीरे-धीरे सजने लगा है। भाजपा में सात नामों की चर्चा, कांग्रेस में आधा दर्जन से ज्यादा संभावित चेहरे और आप की तीसरे विकल्प के रूप में एंट्री ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। अध्यक्ष पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने के कारण इस बार कई राजनीतिक परिवारों की महिलाओं की किस्मत दांव पर है।
हालांकि भाजपा-कांग्रेस में दावेदारी करने वालों की फेहरिस्त लंबी है, लेकिन टिकट कुछ चुनिंदा चेहरों को ही मिलेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में किसकी दावेदारी मजबूत होती है, किसका नाम कटता है और अंतिम समय में कौन सा नया चेहरा सामने आता है, यह देखना खैरागढ़ की राजनीति का सबसे दिलचस्प अध्याय होगा। फिलहाल दावेदारों की दौड़ शुरू है और राजनीतिक दलों के भीतर टिकट को लेकर खींचतान का असली दौर अभी बाकी है। जनता की पसंद किसे मिलेगा और अध्यक्ष की कुर्सी पर कौन बैठेगा, इसका फैसला चुनावी मैदान में होगा।


