खैरागढ़. हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर नगर के किल्लापारा स्थित प्राचीन शनि निवारण हनुमान मंदिर में श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी मंदिर समिति और स्थानीय निवासियों के सहयोग से जन्मोत्सव का पर्व बड़े ही भव्य पैमाने पर आयोजित किया गया। भक्ति का आलम यह था कि सुबह की पहली किरण के साथ शुरू हुआ दर्शनों का सिलसिला देर रात तक निरंतर जारी रहा।

एक सप्ताह से जारी थीं तैयारियाँ
इस उत्सव को भव्य बनाने के लिए पिछले एक सप्ताह से ही मंदिर परिसर में तैयारियाँ जोरों पर थीं। मोहल्ले के युवाओं और स्थानीय समाजसेवियों ने स्वयं जुटकर मंदिर का रंग-रोगन किया और पूरे परिसर को आकर्षक फूलों व बिजली की झालरों से सजाया। युवाओं की इस सक्रियता ने आयोजन में नई ऊर्जा भर दी।
रामायण वाचन से भक्तिमय हुआ वातावरण


जन्मोत्सव के दिन सुबह से ही मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ जुटने लगी थी। दोपहर के पश्चात रामायण मंडली द्वारा प्रभु श्री राम के चरित्र का गुणगान और भजनों की प्रस्तुति दी गई। सुमधुर भजनों की धुन पर भक्त झूम उठे, जिससे पूरा क्षेत्र अध्यात्म के रंग में डूब गया। शाम करीब 6:00 बजे विद्वान पंडितों की उपस्थिति में विधिवत हवन-पूजन संपन्न हुआ, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने आहुतियां दीं।
सामूहिक चालीसा पाठ और महाप्रसाद

हवन के उपरांत मारुति नंदन की भव्य आरती उतारी गई। इसके पश्चात मंदिर प्रांगण में उपस्थित समस्त भक्तों ने एक स्वर में 'सामूहिक हनुमान चालीसा' का पाठ किया। चालीसा की गूँज से वातावरण अत्यंत ऊर्जामय हो गया।
धार्मिक अनुष्ठानों के समापन के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस भंडारे में केवल नगर ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में पहुंचे भक्तों ने कतारबद्ध होकर श्रद्धापूर्वक प्रसादी ग्रहण की। आयोजन समिति के अनुसार, भंडारे का वितरण देर रात तक चलता रहा।
प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा
भीड़ की अधिकता और सुरक्षा को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।शांतिपूर्ण और व्यवस्थित आयोजन के लिए मंदिर समिति ने प्रशासन और नगरवासियों का आभार व्यक्त किया है।




