खैरागढ़. विश्व हृदय दिवस के अवसर पर मंगलवार को केंद्रीय विद्यालय में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह की अध्यक्षता तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार शुक्ला के मार्गदर्शन में हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कम उम्र से ही हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।

कार्यक्रम में डॉ. पंकज वैष्णव, डॉ. अनम फातिमा, श्री नागेश सिमकर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) श्रीमती सोनल ध्रुव, जिला लेखा प्रबंधक श्री नवीन चौहान, प्रभारी जिला प्रबंधक प्रशिक्षण एवं मानव संसाधन श्री खिलेेश साहू तथा जिला सलाहकार RMNCHA श्रीमती आरती चतुर्बिदानी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
हृदय रोग के कारण, लक्षण और बचाव की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को हृदय संबंधी बीमारियों, उनके प्रमुख कारणों, लक्षणों और बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि संतुलित एवं पौष्टिक आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और तनाव को नियंत्रित रखना स्वस्थ हृदय के लिए जरूरी है। इसके साथ ही नमक और अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों का सीमित सेवन करने के लिए भी प्रेरित किया गया।
टीबी और एनीमिया को लेकर भी किया जागरूक
स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को टीबी (क्षय रोग) के प्रमुख लक्षणों तथा एनीमिया (खून की कमी) के कारण, लक्षण और बचाव के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा किसी भी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर समय पर जांच और उपचार कराने के लिए प्रेरित किया गया।
क्विज में दिखा विद्यार्थियों का उत्साह
कार्यक्रम को रोचक और सहभागितापूर्ण बनाने के लिए स्वास्थ्य जागरूकता क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और हृदय स्वास्थ्य, टीबी, एनीमिया तथा स्वस्थ जीवनशैली से जुड़े सवालों के उत्तर उत्साहपूर्वक दिए। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला और उन्होंने कार्यक्रम का आनंद लिया।
विश्व हृदय दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों ने एकजुट होकर हृदय के आकार में खड़े होकर जागरूकता संदेश दिया। इसके बाद सामूहिक फोटो के माध्यम से स्वस्थ हृदय और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में कम उम्र से ही हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ टीबी एवं एनीमिया जैसी स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति भी सजगता विकसित करना रहा।


