खैरागढ़. राजपरिवार के वरिष्ठ सदस्य एवं नगर के प्रतिष्ठित व्यवसायी लाल राजेंद्र सिंह के निधन से शोकाकुल राजपरिवार ने इस वर्ष प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले पारंपरिक शाही दशहरा कार्यक्रम को रद्द करने का निर्णय लिया है। राजपरिवार की इस परंपरा से जुड़े आयोजन के निरस्त होने से इस बार क्षेत्रवासियों को शाही दशहरा देखने का अवसर नहीं मिल सकेगा। राजकुमारी शताक्षी सिंह ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि लाल राजेंद्र सिंह परिवार के प्रमुख सदस्य थे। उनके निधन का दुखद समाचार सुनकर पूरा परिवार स्तब्ध और शोक में है। ऐसे समय में शाही दशहरा उत्सव आयोजित नहीं करने का निर्णय लिया गया है।
राजकुमारी शताक्षी सिंह ने इस निर्णय के लिए क्षेत्रवासियों से क्षमा भी मांगी है। उन्होंने परिवार की भावनाओं और मौजूदा परिस्थितियों को समझने की अपील की है।
अंतिम चरण में थीं शाही दशहरा की तैयारियां
गौरतलब है कि राजपरिवार द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किए जाने वाले शाही दशहरा कार्यक्रम की तैयारियां इस बार भी जोर-शोर से की जा रही थीं। आयोजन को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा था। प्रसिद्ध कथा वाचक युवराज पांडे भी इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे। ऐसे में आयोजन को लेकर क्षेत्रवासियों में उत्साह था।
राजपरिवार का शाही दशहरा खैरागढ़ और आसपास के क्षेत्र में विशेष आकर्षण का केंद्र रहता है। इस पारंपरिक आयोजन को देखने के लिए हर वर्ष बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी पहुंचते हैं। लोगों के बीच इसकी धार्मिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक पहचान रही है। हालांकि, परिवार के प्रमुख सदस्य के निधन से उत्पन्न शोक के चलते इस बार उत्सव नहीं मनाने का निर्णय लिया गया है।
राजपरिवार के इस फैसले के साथ ही इस वर्ष शाही दशहरा आयोजन की तैयारियों पर विराम लग गया है। उत्सव के स्थान पर इस बार राजपरिवार अपने दिवंगत सदस्य को श्रद्धांजलि देते हुए शोक की घड़ी से गुजर रहा है।


