रायपुर. छत्तीसगढ़ में होली के दिन शराब दुकानें खोलने के प्रस्ताव पर उठे राजनीतिक और सामाजिक विरोध के बाद राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि होली पर पूर्व निर्धारित नियम ही लागू रहेंगे और इस दिन प्रदेशभर में शराब बिक्री नहीं होगी।
दरअसल, नई आबकारी नीति के तहत होली को ड्राई डे की सूची से हटाए जाने का मुद्दा सामने आते ही विपक्षी दलों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों ने कड़ा विरोध जताया था। उनका तर्क था कि रंगों के त्योहार पर शराब की उपलब्धता से कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और सामाजिक माहौल पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। कई स्थानों पर प्रदर्शन और ज्ञापन भी सौंपे गए थे।
विवाद बढ़ने के बाद सरकार ने स्थिति की समीक्षा की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने निर्णय लिया कि होली के दिन शराब दुकानें बंद ही रहेंगी और पूर्व से लागू निषेध व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इसे सरकार का “जनभावनाओं का सम्मान” बताया जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लगातार बढ़ते दबाव और जनभावनाओं को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। वहीं विपक्ष ने इसे अपनी जीत बताते हुए कहा है कि जनता की आवाज के आगे सरकार को झुकना पड़ा।




