खैरागढ़. खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता के चिकित्सा कार्य करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में मिली शिकायत और जांच प्रतिवेदन के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार, 8 सितंबर को विकासखंड खैरागढ़ के ग्राम डोकराभाठा में करण वर्मा द्वारा संचालित तथाकथित क्लीनिक को सीलबंद कर दिया। प्रकरण में अब नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

मामला ग्राम एटीकसा निवासी प्रेम लाल वर्मा की शिकायत से सामने आया। उन्होंने शिकायत में बताया कि उनके 52 वर्षीय परिजन ललित वर्मा, जो मधुमेह से पीड़ित हैं, का डोकराभाठा स्थित उक्त क्लीनिक में उपचार कराया गया था। आरोप है कि करण वर्मा ने बिना आवश्यक जांच, विशेषकर शुगर की जांच किए, मरीज को इंजेक्शन लगाए। इसके बाद मरीज के दाहिने पैर में संक्रमण होने की शिकायत सामने आई।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर सह पर्यवेक्षी प्राधिकारी (नर्सिंग होम एक्ट), जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के निर्देश पर मामले की जांच कराई गई। सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन के बाद गठित विकासखंड स्तरीय जांच दल ने मौके पर जाकर जांच की। जांच प्रतिवेदन में बिना शुगर जांच के उपचार किए जाने और निर्धारित चिकित्सकीय योग्यता से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं प्रथमदृष्टया पाए जाने का उल्लेख किया गया। दल ने नियमानुसार कार्रवाई की अनुशंसा की।
जांच प्रतिवेदन के बाद कलेक्टर के निर्देश के परिपालन में स्वास्थ्य विभाग एवं संबंधित अधिकारियों की टीम ने 8 सितंबर को करण वर्मा के क्लीनिक परिसर को तत्काल प्रभाव से सीलबंद कर दिया। अधिकारियों के अनुसार प्रकरण में लागू नियमों और राज्य शासन के निर्देशों के तहत आगामी कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीण इलाकों में ऐसे क्लीनिकों की निगरानी पर सवाल
डोकराभाठा में हुई कार्रवाई के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता के संचालित होने वाले क्लीनिकों की निगरानी भी चर्चा में है। जिले के विभिन्न गांवों में लंबे समय से ऐसे लोगों द्वारा उपचार किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों में आवश्यक जांच और चिकित्सकीय सुविधाओं के अभाव में मरीजों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठते हैं।

प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिले के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित ऐसे क्लीनिकों की भी जांच की जाती है या नहीं। साथ ही जांच में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर करण वर्मा के खिलाफ आगे क्या वैधानिक कार्रवाई होती है, इस पर भी नजर रहेगी।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि उपचार के लिए केवल मान्यता प्राप्त एवं वैध चिकित्सकीय योग्यता रखने वाले चिकित्सकों तथा पंजीकृत स्वास्थ्य संस्थानों की सेवाएं लें। बिना आवश्यक योग्यता के चिकित्सा कार्य करने वाले व्यक्तियों की जानकारी तत्काल स्वास्थ्य विभाग या प्रशासन को देने की अपील भी की गई है।


