खैरागढ़, 07 फरवरी 2026. छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार जिला खैरागढ़–छुईखदान–गण्डई की समस्त 221 ग्राम पंचायतों में आज रोजगार दिवस, चावल महोत्सव एवं आवास दिवस का संयुक्त आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह आयोजन कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल व जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेम कुमार पटेल के मार्गदर्शन में किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ हितग्राहियों की समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायतों एवं मनरेगा कार्यस्थलों पर आमजन को VB G-RAM-G योजना तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की विस्तृत जानकारी दी गई। योजनाओं की प्रक्रिया, पात्रता, लाभ एवं समयबद्ध निर्माण के महत्व पर प्रकाश डाला गया। पंचायत परिसरों में चस्पा QR कोड के माध्यम से श्रमिकों और हितग्राहियों को डिजिटल रूप से योजनाओं से अवगत कराया गया।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेम कुमार पटेल ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक माह की 7 तारीख को रोजगार दिवस एवं आवास दिवस का आयोजन किया जाता है। इसका उद्देश्य ग्रामीण विकास योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाना, हितग्राहियों की समस्याओं का मौके पर निराकरण करना और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत प्रत्येक पात्र वंचित परिवार को पक्के आवास का लाभ दिलाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इसी क्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेम कुमार पटेल स्वयं विकासखंड छुईखदान के वनांचल ग्राम समुंदपानी में आयोजित रोजगार व आवास दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणजनों से सीधे संवाद कर योजनाओं की जानकारी दी तथा VB G-RAM-G योजना के उद्देश्यों और लाभों को विस्तार से समझाया। ग्रामीणों की समस्याओं को सुनते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए।
आवास दिवस के दौरान हितग्राहियों के आवास निर्माण की प्रगति की समीक्षा की गई। ई-केवाईसी, लंबित किस्तों का भुगतान, 90 दिनों की अकुशल मजदूरी, निर्माण सामग्री की उपलब्धता, तकनीकी कठिनाइयों एवं मजदूरी से जुड़े मामलों का तत्काल निराकरण किया गया। साथ ही हितग्राहियों को निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने और योजना के दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के संयुक्त आयोजनों से ग्रामीणों को अब कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और योजनाओं का लाभ सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुँचेगा।




