खैरागढ़. थाना खैरागढ़ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हिरावाही में तालाब की रखवाली के दौरान हुई नृशंस हत्या के मामले में माननीय न्यायालय ने दोषी को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह निर्णय 12 फरवरी 2026 को माननीय अपर सत्र न्यायाधीश खैरागढ़, कुमारी मोहनी कवर द्वारा सुनाया गया।
प्रकरण के अनुसार, दिनांक 1 मार्च 2023 की रात्रि लगभग 11 बजे ग्राम हिरावाही स्थित तालाब में मछली पालन की चौकीदारी कर रहे अशोक बर्मन एवं मोहन राय अपने तालाब-पार झोपड़ी में भोजन कर रहे थे। इसी दौरान धनंजय बाग उर्फ भाईजान उर्फ सोनू (उम्र 35 वर्ष), निवासी गांधी नगर पंडरी, रायपुर, वहां पहुंचा और दोनों चौकीदारों पर पैसे चोरी करने का आरोप लगाते हुए विवाद करने लगा। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने अशोक बर्मन के साथ मारपीट की और उसे दौड़ाकर तालाब तक ले गया, जहां पानी में डुबोकर उसकी हत्या कर दी।
घटना की रिपोर्ट पर थाना खैरागढ़ में अपराध क्रमांक 95/2023 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 323 एवं 302 में प्रकरण दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी को घटनास्थल के पास से हिरासत में लिया। जांच के दौरान आरोपी के भीगे हुए कपड़े तथा घटना में प्रयुक्त डंडा मौके से जप्त किए गए। साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।
सुनवाई उपरांत न्यायालय ने आरोपी धनंजय बाग को दोषी ठहराते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा तथा कुल 2,500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। सजा सुनाए जाने के पश्चात आरोपी को जेल वारंट के माध्यम से जेल दाखिल किया गया।
जिला के.सी.जी. पुलिस ने इस जघन्य हत्या प्रकरण में प्रभावी विवेचना, साक्ष्य संकलन और सशक्त पैरवी के माध्यम से दोषी को कठोर सजा दिलाने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है।




